Last Update - 22 Apr 2020

'बागी 3' फिल्म रिव्यू- कमज़ोर कहानी पर टाइगर श्राफ की शानदार एक्शन का तड़का

'बागी 3' फिल्म रिव्यू- कमज़ोर कहानी पर टाइगर श्राफ की शानदार एक्शन का तड़का

फिल्म :Baaghi 3

कलाकार :Tiger Shroff, Shraddha Kapoor, Riteish Deshmukh

निर्देशक :Ahmed Khan

यदि रोहित शेट्टी अपनी फिल्मों में कार उड़ाते हैं, तो निर्देशक अहमद खान ने चार कदम आगे बढ़कर बागी 3 में बाइक, कार, ट्रेन, तोप, हेलीकॉप्टर सभी कुछ उड़ा लिया। खैर, दो भाइयों की यह कहानी भारत से शुरु होकर सीरिया तक पहुंचती है, जहां रॉनी (टाइगर) अपने भाई (रितेश) की रक्षा के लिए बागी बन अकेले ही दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी समूह जैश-ए-लश्कर का सामना करता है। बचपन से अपने भाई को हर मुसीबत से बचाकर रखने वाला रॉनी कहता है- "मुझपे आती है तो मैं छोड़ देता, मेरे भाई पर आती है तो मैं फोड़ देता हूं" .. अब वह सीरिया से अपने भाई को बचाकर वापस ला पाएगा या नहीं, इसी के इर्द गिर्द पूरी कहानी घूमती है।

फिल्म की कहानी

ईमानदार पुलिस अफसर प्रताप सिंह (जैकी श्राफ) मरते मरते अपने छोटे बेटे रॉनी (टाइगर) से वादा लेता है कि वह जिंदगी भर अपने बड़े भाई विक्रम (रितेश देशमुख) की रक्षा करेगा, हमेशा उसके साथ साए की तरह रहेगा। लिहाजा, बचपन से ही दोनों भाई के बीच एक जबरदस्त बॉण्ड रहता है। विक्रम किसी भी मुसीबत में फंसा हो, उसके एक आवाज़ लगाते ही रॉनी गुंडों को मार गिराने के लिए हाज़िर हो जाता है। 6 पैक एब्स और एक शानदार एटिड्यूड लिये रॉनी एक साथ पांच, दस क्या तीस- चालीस गुंडों का सफाया कर सकता है। पिता की जगह पर बड़े भाई विक्रम को आगरा में पुलिस की नौकरी मिल जाती है।

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दोनों भाइयों की जिंदगी में सबकुछ सही चल रहा होता है, जब अचानक विक्रम को सीरिया में जैश-ए-लश्कर के आतंकवादियों द्वारा किडनैप कर लिया जाता है। इस घटना के बाद रॉनी अपने बागी अंदाज़ में मिशन पर निकलता है और अपने भाई को किसी भी तरह बचाकर वापस लाने की कसम खाता है। इस मिशन में उनका साथ देती है गर्लफ्रैंड सिया (श्रद्धा कपूर) और सीरिया में रहने वाला पाकिस्तानी अख्तर लाहौरी (विजय वर्मा)।

अभिनय

कोई दो राय नहीं कि टाइगर श्राफ फिलहाल बॉलीवुड के सबसे दमदार एक्शन हीरो हैं। बागी, बागी 2 के बाद अब बागी 3 में भी रॉनी के किरदार में वो खूब जमे हैं। निर्देशक अहमद खान ने भी टाइगर के होने का पूरा फायदा उठाया है और हर तरह के एक्शन- स्टंट को फिल्म में डाल दिया है। टाइगर ने भी इस फिल्म में जी जान से मेहनत किया है और यह हर दृश्य में दिखता है। संवेदनशील दृश्यों में टाइगर कमज़ोर दिखे हैं, लेकिन अगले ही पल वह अपने एक्शन से दिल जीत लेते हैं। बड़े भाई विक्रम बने रितेश देशमुख को काफी अहम किरदार दिया गया था, लेकिन कुछ एक दृश्यों को छोड़कर उनका हाव भाव ऊबाऊ लगता है।

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श्रद्धा कपूर और अंकिता लोखंडे के किरदार को कुछ खास रूपरेखा नहीं दी गई है, लिहाजा, फिल्म के बाद वो याद भी नहीं रहते। आतंकवादी समूह जैश-ए-लश्कर का सरगना अबु जलाल के किरदार में जमील खौरी ने अच्छा काम किया है। वह खूंखार दिखे हैं। बतौर सह कलाकार विजय वर्मा, जयदीप अहलवात, जैकी श्राफ ने अपने किरदारों के साथ न्याय किया है।

निर्देशन

अहमद खान ने एक एक्शन मसाला बनाने की सोची और वही बनाया। फिल्म एक्शन और स्टंट के मामले में प्रभावी है, जिसे खुद अहमद खान ने ही डिजाइन किया है। लेकिन पटकथा बेहद कमज़ोर है। फर्स्ट हॉफ में कुछ दृश्य बेहद ऊबाऊ लगते हैं। फैमिली ड्रामा और प्रेम कहानी के बीच फिल्म आगे बढ़ती है, लेकिन सेकेंड हॉफ पूरी तरह से टाइगर के कंधों पर है। बतौर एक्शन फिल्म इसे बड़े स्तर पर बनाने के लिए निर्देशक ने बाइक, कार, ट्रेन, तोप से लेकर हेलीकॉप्टर तक का इस्तेमाल कर लिया है। लेकिन काश थोड़ा ध्यान लेखन पर भी दे दिया गया होता। फरहाद सामजी द्वारा लिखे गए संवाद औसत हैं।

तकनीकि पक्ष

अहमद खान ने भारत के अलावा मोरक्को, मिस्र, सर्बिया और तुर्की के अलग अलग पर लोकेशन पर फिल्म की शूटिंग की है। संथना कृष्णण रविचंद्रन की सिनेमेटोग्राफी ने फिल्म के लोकेशन और शानदार एक्शन- स्टंट सीक्वेंस के साथ पूरा न्याय किया है। हालांकि, रामेश्वर एस भगत की एडिटिंग कई दृश्यों में खली है।

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खासकर फिल्म के पहले हॉफ में एडिटिंग बेहद कमजोर है, कुछ दृश्यों के बीच continuity की भी दिक्कत है। एक दृश्य में सामने से चार लोग चलते आ रहे दिख रहे हैं, लेकिन अगले ही दृश्य में वो सिर्फ दो लोग हो जाते हैं। हीरो के पीछे दौड़ती तोपें खुद में भी उलझकर ब्लास्ट हो जाती हैं। किरदारों और कहानी पर ध्यान दें तो इस तरह की कई अटपटी दृश्यों से भरी है बागी 3। वीएफएक्स भी कुछ खास प्रभावी नहीं है।

संगीत

फिल्म का संगीत एवरेज है, लेकिन अच्छी बात है कि फिल्म में ज्यादा गाने नहीं हैं। फिल्म में सिर्फ तीन गाने हैं और तीनों ही रीक्रिएट वर्जन। 'एक आंख मारूं तो' और 'Do You Love Me' फिल्म की कहानी का हिस्सा हैं और कोरियोग्राफी की वजह से ध्यान आकर्षित करते हैं।

देंखे या ना देंखे

यदि टाइगर श्राफ और बागी फ्रैंचाइजी के फैन हैं तो आपके लिए यह एक धमाकेदार फिल्म है। कमज़ोर कहानी और अभिनय से इतर. अहमद खान ने बागी 3 को पूरी तरह से एक्शन मसाला बनाकर पेश किया है। फिल्मीबीट की ओर से बागी 3 को 2.5 स्टार।

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